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कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये .........

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये 

घर से निकले पहन सफारी
सलाम ठोकता हर व्यवहारी
लगा के किक, चढ़े बुलेट पर
थोड़ा चले, फिर फ्लाइट हो गये

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये

भैय्या जी का है टेम्पो हाई
कहते लोग उन्हें गुडडू भाई 
थे पहले-पहल वो बहुत धमकाते 
फिर थोड़ा सा लाइट हो गये 

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये

प्रेम रोग का काटा चुन्ना
मन है जपता ताता तुन्ना
टिनोपाल का लगा के तड़का
भैय्या जी चिकोलाइट हो गये

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये

लड़की ने मुस्का कर देखा 
नज़र आयी है उनमें  रेखा 
भाभी भाभी हो गया हल्ला  
लौड़े सारे डिलाइट हो गये

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये

शर्मा जी की बीवी पगली  
की भैय्या जी के घर चुगली 
बाप ने जब जूता चटकाया
पूरे बौड़म सल्फाइट हो गये

कि भैय्या!! कि कन्ने टाइट हो गये 

https://youtu.be/disfFbkKKis

@विक्रम सर्वाधिकार सुरक्षित 

भक साला सब बेकार!!!

पिछले इतवार को,
छत पर गया,
कुर्सी,अखबार और चटाई  टाँग कर 
छत पर जाकर,
दूरतक नज़र दौड़ाई 
दुनियादारी में लगे 
फॅसें लोगों देखा,
कुछ सोचा, कुछ कोसा,
थोड़ा इधर, 
थोड़ा उधर, 
ताकाझाँकी की 
मोहल्ले का मुआयना किया,
मन ही मन बातें की,
थोड़ा इसको थोड़ा उसको गलियाया,
कुर्सी डाली,
बैठ गया,
जबर अँगड़ाई ली,
अखबार पर चढ़ाई की,
अखबार पूरी चौड़ाई तक फैलाया,
सूरज के ताप को धता बताया,
एक एक खबर पढ़ी,
फिर पूरा अखबार घोट डाला 
मोहल्ला, नगर, देश विदेश तक 
हर खबर, 
का स्टीकर मन में चिपकाया,
नेता, मन्त्री, से लेकर ओबामा तक 
सबको गलियाया, 
देश का कुछ हो नहीं सकता,
आदमी ठीक हो नहीं सकता 
भक साला सब बेकार!!!
थके अलसाये हुए शरीर और मन के साथ 
फिर नीचे गया,
एक कटोरी में कड़वा तेल लाया  
सर पर चुपड़ा,
सर थपथपाया,
फिर पूरे बदन में लगाया,
सूरज के ताप से बंद होती 
आँखों को जोर से मीशा 
ले-देकर चटाई बिछाई,
और फ़ैल गया,
टाँगें फैलाकर,
सूरज से मुँह चुराकर 
देर तक नींद के नशे में सुस्ताता रहा,
देर तक नींद के नशे में सुस्ताता रहा। 

@विक्रम  सर्वाधिकार सुरक्षित 



....भूतो ना भविष्यति

मामला मेरे संज्ञान में नहीं,
जाँच चल रही है,
कड़ी कार्यवाही होगी,
अपराधियों को बख्शा नहीं जायेगा,
ये जुमले है? 
ढाढ़स बाँधने के तौर तरीके है?
व्यवस्था चलाने के सलीके है?
या जिम्मेदारियों की थूकी पीकें है?

रोज सुबह अखबार में,
पढ़ता हूँ, सोचता हूँ,
क्या हुआ?
क्या होने को है?
क्या हो पायेगा?
भूतो ना भविष्यति ही,
चरितार्थ होता, होता जायेगा।
@ सर्वाधिकार सुरक्षित

...इन्साफ फ़ुटबाल है

इन्साफ फ़ुटबाल है
इंसान फ़ुटबाल है
न्यायालय टकसाल है,
इंतज़ार का,
दुर्व्यवहार का

कानून जुनून है
सत्य को दबाने का
मनमाफिक करने का
लोगो को धरने का
सच को हरने का

न्यायालय में,
न्याय के थोक और फुटकर विक्रेता
अदालतों के विजेता
अपील करने में
जलील करने में
माहिर,
पीड़ित की लिखाई पढ़ाई
पीड़ित से कमाई धमाई
थोड़ा बहस थोड़ा मुहावसे
बाकी तारीख,

और पीड़ित
न्याय को पकड़ने में
जकड़ने में 
के बॉल सफ़ेद
चप्पले घिसी हुयी
झुर्रियां पड़ी हुयी
मुसीबतें खड़ी हुयी
बीबी लड़ी हुयी
बेबसी जड़ी हुयी
नींद उडी हुयी
कभी छले जाने का दर्द
कभी न्याय ना पाने का दर्द
दर्द ही हमसफ़र
दर्द ही हमदर्द

@विक्रम सर्वाधिकार सुरक्षित