रानीखेत: वीरता की संस्कृति और अदम्य साहस का हस्ताक्षर है, कुमाँयू रेजिमेंट का म्यूजियम ( kumaon regiment museum )

नैनीताल से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा रानीखेत, यूँ तो आबादी वाला क्षेत्र प्रतीत होता है। पहाड़ो के शहरो में मालरोड की नाप और वहाँ आसपास बनी दुकाने शहर की बसावट का आबादी का अंदाज़ा बड़ी आसानी से दे जाती है। कुछ ऐसा ही रानीखेत में भी है। रानीखेत से त्रिशूल और नन्दादेवी पर्वत श्रृंखलाएँ काफी करीब से नज़र आती है। रानीखेत में एक हिलस्टेशन की तमाम खूबियों के साथ यहाँ एक बेहद खास चीज है वह है कुमायूँ रेजिमेंट का मुख्यालय, और कुमायूँ  रेजिमेंट का अपना संग्रहालय जो वीरता की संस्कृति और अदम्य साहस का अदभुत हस्ताक्षर है। और ये संग्रहालय और खास तब हो जाता है जब आप देखने जाये और एक रिटायर्ड सैनिक बेहद गर्व के साथ एक गाइड की तरह तमाम उपलब्ध चीजो के बारे विस्तार से बताये। सुनने और बताने वाले दोनों के रोंगटे खड़े हो जाये ऐसी कई दस्ताने है।

रानीखेत एक कैंटोनमेंट है, जैसा कि अमूमन हर हिल स्टेशन होता है। पर रानीखेत कैंटोनमेंट की बात औरो से जुदा है। रानीखेत भारतीय थल सेना की सबसे बड़ी रेजीमेन्ट कुमायूँ(KRC- Kumayu Regiment Centre) रेजीमेंट का गढ़ है। नागा रेजीमेंट भी कुमायूँ रेजीमेंट का एक हिस्सा है। आज़ादी से पहले ये रेजीमेंट हैदरबाद के निजाम की फ़ौज की तरह थी। नये रंगरूटों की भर्ती से लेकर ट्रेनिंग तक यही होती है।

यहाँ कुमायूँ(KRC) रेजीमेंट ने एक संग्रहालय भी बनाया है। जो अपनी तरह का पहला संग्रहालय है। कुमायूँ रेजीमेंट द्वारा देश के प्रति किये गये योगदान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराता है। KRC के पूर्व सैनिक ने बड़े गर्व और शान के साथ ये बताया की कुमायूँ रेजीमेन्ट के मेजर सोमनाथ शर्मा 1947 में श्रीनगर में हुयी लड़ाई में अद्वितीय शौर्य पराक्रम दिखाते हुये मरणोपरान्त देश का पहला परमवीर चक्र प्राप्त। 1962 में भारत चीन के युद्ध में मेजर शैतान सिंह भाटी ने वही शौर्य और पराक्रम दिखाते हुये कुमायूँ रेजीमेंट का दूसरा परमवीर चक्र प्राप्त किया।

1965 ये युद्ध की कुछ तस्वीरें जो तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर जी द्वारा कुमायूँ रेजिमेंट के सैनिकों को विजय के उपरान्त पकड़े गए टैंक्स और हथियारों के साथ दिखाता है। यहाँ पकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज उल्टा टंगा हुआ है।
श्रीलंका में शान्ति सेना का हिस्सा रही कुमायूँ रेजीमेंट द्वारा LTTE से बरामद कुछ हथियार और उल्टा टंगा हुआ LTTE का ध्वज कुमायूँ रेजीमेंट के अभूतपूर्व योगदान और शौर्य को दर्शाता है।ऑपरेशन विजय(कारगिल) में कुमायूँ रेजीमेंट का बड़ा योगदान रहा।
















इसके अलावा एक कभी ना खत्म होने वाली लम्बी फेहरिस्त है जो कुमायूँ रेजीमेन्ट के अभूतपूर्व योगदान को आपके हृदय पर छाप देने के लिये काफी है। इस योगदान की गाथाएं बताते हुये एक पुर्व सैनिक का गर्व देखते ही बनता है, वहाँ मौजूद हमारे जैसे दर्शक भी गर्व और साहस से भर उठते है। कुमायूँ रेजीमेंट और उसके महान योगदान को नमन करते है, याद करते है, अमर शहीदों को, परमवीरों को, महावीरों को, अनन्य वीरों को....

कोई सोने की चिड़िया उड़ा ले गया .....

कोई सोने की चिड़िया उड़ा ले गया
और हम आस्तीनों में झाँकते रह गये।


कई पंचवर्षीय आयी और हवा हो गयी
हम दिल्ली की तरफ ताकते रह गये।
@विक्रम

EK sher

चिड़ियों सी चहकती है,कभी माँ सी दिखाई देती है
वो बेटी है मेरी, पहले डाटती है, फिर दवाई देती है।
-विक्रम

बहुमंजिला इमारतो में बिजली की ठेकेदारी प्रथा!!!

नोयडा के बहुमंजिला भवनों में एक नयी प्रथा का चलन है, बिजली की ठेकेदारी!!! बिल्डर को बिजली का कनेक्शन दिया जाता है और बिल्डर वहाँ के रहने वाले को बिजली का कनेक्शन देता है। बिजली के बिल जमा करने का पूरा सिस्टम प्री-पेड है। आप प्रीपेड जमा करिये वो जाता है अमूमन बिल्डर के अकाउंट में। बिल्डर कब और कैसे uppcl को पैसे जमा करता है। ये केवल बिल्डर जानता है!! यदि बिल्डर जमा नहीं करता तब क्या बिजली पूरी सोसाइटी की काटी जायेगी या अन्यथा?? कुछ महत्त्वपूर्ण बिन्दु जो UPPCL की इस कार्यप्रणाली को अपरिपक्व साबित करने हेतु काफी है।

- नोयडा में उपलब्ध उदाहरणो के आधार पर ये  कहा जा सकता है कि बिल्डर के UPPCL में पैसे जमा ना करने पर पूरी सोसाइटी की लाइट काट दी जाती है। जो गैर कानूनी है चूँकि उपभोक्ता ने प्रीपेड बिल दिया है।

- बिल्डर की नाम पर प्री-पेड पैसा क्यों जाना चाहिये? क्या बिल्डर से UPPCL कोई सिक्योरिटी मनी जमा करवाती है जो पूरी सोसाइटी के काम से कम 2-3 महीने के बिल के बराबर हो?

- जब हम प्री-पेड मोबाइल रिचार्ज करवाते है तब पैसा सीधे टेलीकॉम वेंडर के पास जाता है नाकि दूकान वाले के पास, उसी तर्ज पर हर बिजली उपभोक्ता का पैसा सीधे UPPCL के अकाउंट में क्यों नहीं जाता है? जो सुरक्षित तरीका भी है।

- बिजली बिल का कैलकुलेशन KVA में होगा ये KWH में होगा ये सुनिश्चित नहीं किया जाता, बिल्डर KVA में कैलकुलेशन करते है और ज्यादा वसूली करते है।

- जिस तरह का लचर रवैये के साथ ये नीति चल रही वह बिजली के ठेकेदारों और बिजली बाटने वाले मठाधीशों के बीच मिली भगत के स्पष्ट संकेत देती है।

ग्रेटर नोयडा की AVJ सोसाइटी प्रस्तुत बिंदुओं का मजबूत उदहारण है।  इस बावत मैं UPPCL के अधिकारियो को कई बार लिख चुका हूँ पर अफ़सोस सरकारी व्यवस्थाएं......

-विक्रम

बच्चो की गुल्लकें लुट गयी ....

500 और हज़ार के नोटों पर बैन से सबसे ज्यादा बड़ा झटका देश के छोटे बच्चो को लगा है।.... बेचारो की गुल्लकें फूट गयी...दादी नानी और आने जाने वालों से मिली सारी रकम सारी जमा पूँजी .... पल में फुर्र ...मानो कोई डाकू मलखान सिंह टाइप आया और एक मुश्त लपेट ले गया... बाद में पता चला की बस्ती....खुद के माँ बाप ने लूट ली.... बेचारे लुटे लुटे से घूम रहे आधुनिक डाकू मलखान  को कोसते .....

महापराक्रमी सेल्फीवीर, पलक झपकते खींचे तस्वीर....

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

लपक-लपक के FB खोले
हपक हपक के फीलिंग छोड़े
चपक-चपक के टैगिंग दौड़े
मन ही मन में होते चौड़े
मोबाइल जैसे शमशीर

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

बाल बनाये गाल फुलाये
देख खुद ही को खुद मुश्काये
एडिट वेडिट कर फोटो चमकाये
है करिया गोरा दिखलाये
पसन्द करे  राँझा या हीर

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

साथ जहाँ भी जाये पिकनिक
घड़ी-घड़ी है सेल्फी टेक्निक
लिख-लिख फोटू चिपकाये सन्टी ब्रदरस
विथ पहाड़ एंड थ्री अदरस
सेल्फी स्टिक लगती तीर

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

ड्राइव करी थी 1 सौ चालिस
डैशबोर्ड की फोटो डालिश
फिर मोबाइल का माड़ है बदला
सेल्फी खींच रहा है पगला
समझ ना पाया नियम की पीर

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

गंगा बैराज पुल गया था
दुनियादारी भूल गया था
लटक-लटक के सेल्फी खींची
उसी नदी में झूल गया था
हुयी शहादत निपटा वीर

महापराक्रमी सेल्फीवीर
पलक झपकते खींचे तस्वीर

@विक्रम सर्वधिकार सुरक्षित